भारत के श्रम कानून ढांचे को चार श्रम संहिताओं (Four Labour Codes) के माध्यम से सुव्यवस्थित किया गया है, जिसने पुराने कानूनों के जटिल जाल को एक एकीकृत संरचना में बदल दिया है। इस ढांचे के भीतर, “कर्मचारी” (Employee) और “श्रमिक” (Worker) के बीच का अंतर अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल शब्दावली का मामला नहीं […]