कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) हमेशा से भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली का एक मुख्य आधार रहा है। 2025 में ‘नए लेबर कोड’ के पूरी तरह लागू होने के बाद, ESIC के दायरे को और बढ़ा दिया गया है, ताकि इसमें अधिक कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ और यहाँ तक कि फिक्स्ड-टर्म (FTE) कर्मचारी भी शामिल हो सकें।
कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए इसका मतलब है-बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ और मजबूत आर्थिक सुरक्षा। साल 2026 में ESIC द्वारा मिलने वाले फायदों का विवरण नीचे दिया गया है:
1. कर्मचारियों और परिवारों के लिए चिकित्सा सेवा
- कवरेज: बीमित कर्मचारियों और उनके आश्रितों [निर्भर] (Dependents) के लिए पूर्ण चिकित्सा देखभाल।
- सुविधाएँ: ESIC डिस्पेंसरी, अस्पताल और पैनल में शामिल (Tie-up) निजी अस्पताल।
- आश्रित: पति/पत्नी, बच्चे और कुछ मामलों में आश्रित माता-पिता भी इसमें शामिल हैं।
2. बीमारी लाभ (Sickness Benefit)
- पात्रता: वे कर्मचारी जो निर्धारित न्यूनतम अवधि के लिए अंशदान (Contribution) देते हैं।
- लाभ: बीमारी के प्रमाणित दिनों के दौरान वेतन का 70% नकद मुआवजा। यह लाभ लगातार दो अवधियों में अधिकतम 91 दिनों तक लिया जा सकता है।
- प्रभाव: यह बीमारी के दौरान आय [income] के नुकसान से कर्मचारी की रक्षा करता है।
3. मातृत्व लाभ (Maternity Benefit)
- पात्रता: ESIC के दायरे में आने वाली महिला कर्मचारी।
- लाभ: गर्भावस्था, गर्भपात या गोद लेने की स्थिति में वैधानिक प्रावधानों के अनुसार सवैतनिक अवकाश (Paid Leave)।
- अवधि: परिस्थितियों के आधार पर 26 सप्ताह तक।
4. अपंगता लाभ (Disablement Benefit)
- अस्थाई अपंगता: ठीक होने तक की अवधि के दौरान नकद सहायता।
- स्थाई अपंगता: कार्यक्षमता के नुकसान के आधार पर जीवनभर मासिक पेंशन।
- दायरा: इसमें कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाएं और व्यावसायिक बीमारियां (Occupational Diseases) शामिल हैं।
5. आश्रित लाभ (Dependent Benefit)
- पात्रता: यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु कार्य के दौरान हुई चोट या दुर्घटना के कारण होती है, तो उसके परिवार के सदस्य इसके पात्र हैं।
- लाभ: परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए मासिक पेंशन की सुविधा।
6. अंतिम संस्कार के खर्च और अन्य सहायता
- अंतिम संस्कार व्यय: अंतिम संस्कार के खर्चों के लिए परिवार को एकमुश्त भुगतान।
- पुनर्वास (Rehabilitation): दिव्यांग कर्मचारियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण और सहायता।
7. 2026 में क्या बदला?
- बढ़ा हुआ दायरा: नई वेतन परिभाषा (Basic + DA, 50% नियम) के कारण अब और अधिक कर्मचारी ESIC के दायरे में आ गए हैं।
- फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉयमेंट: FTE कर्मचारियों को अब पहले दिन से ही ESIC लाभों का अधिकार है।
- आश्रित: परिवार के सदस्यों के कवरेज को और स्पष्ट किया गया है, जिससे व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
कर्मचारियों के लिए फ्री चेकलिस्ट (ESIC लाभ)
- सुनिश्चित करें कि आपका ESIC बीमा नंबर सक्रिय है और आधार से लिंक है।
- ESIC डिस्पेंसरी में अपना मेडिकल रिकॉर्ड अपडेट रखें।
- बीमारी और मातृत्व लाभ के लिए पात्रता अवधि (Eligibility periods) को समझें।
- अपने आश्रितों [निर्भर] को ESIC के तहत उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दें।
- जरूरत पड़ने पर चालान और अंशदान के प्रमाण के लिए अपने HR से संपर्क करें।
अस्वीकरण: यह सामग्री केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और 2026 तक के भारतीय लेबर कोड के कानूनी ढांचे को दर्शाती है। यह कानूनी सलाह नहीं है। कर्मचारियों को अपनी विशिष्ट पात्रता समझने के लिए अपने HR विभाग या ‘Key4Comply’ के विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
