नए लेबर कोड (Labour Codes) के पूरी तरह लागू होने के साथ, HR प्रबंधकों के सामने हाल के समय की सबसे बड़ी पेरोल चुनौतियों में से एक है: नए ESIC वेतन परिभाषा के अनुसार वेतन को पुनर्गठित (Restructure) करना। वैधानिक देनदारी कम करने के लिए भत्तों (Allowances) को बढ़ाकर दिखाने की पुरानी प्रथा अब काम नहीं आएगी।
यह ब्लॉग बताता है कि 2026 में नियमों के अनुपालन के लिए, जुर्माने से बचने के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कर्मचारियों को उनके सही लाभ मिलें, HR को वेतन संरचना में कैसे बदलाव करना चाहिए।
1. वेतन की नई परिभाषा (धारा 2(88), सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020)
- शामिल: मूल वेतन (Basic Pay) + महंगाई भत्ता (DA) + रिटेनिंग अलाउंस।
- बाहर [excluded]: HRA, कन्वेंस, स्पेशल अलाउंस आदि — लेकिन यह कुल पारिश्रमिक के केवल 50% तक ही बाहर रखे जा सकते हैं।
- 50% का नियम: यदि भत्ते CTC के 50% से अधिक हैं, तो अतिरिक्त राशि को मूल वेतन (Basic) में वापस जोड़ दिया जाता है।
2. सैलरी स्ट्रक्चरिंग में बदलाव क्यों जरूरी है?
- पहले: ESIC की गणना ग्रॉस सैलरी पर की जाती थी, जिससे नियोक्ता बेसिक को कम रखकर अपनी देनदारी कम कर लेते थे।
- अब: ESIC की गणना धारा 2(88) के अनुसार ‘मजदूरी’ (Wages) पर की जाती है। कृत्रिम रूप से कम बेसिक पे वाले स्ट्रक्चर अब गैर-अनुपालन (Non-compliant) माने जाएंगे।
- प्रभाव: अधिक कर्मचारी ESIC कवरेज के दायरे में आएंगे, भले ही उनकी ग्रॉस [gross] सैलरी ₹30,000–₹40,000 के बीच हो।
3. केस स्टडी: 50% नियम का प्रयोग
उदाहरण:
- कुल CTC = ₹25,000
- बेसिक = ₹8,000
- भत्ते = ₹17,000
- यहाँ भत्ते 50% से अधिक हैं → अतिरिक्त राशि = ₹4,500
- संशोधित बेसिक = ₹8,000 + ₹4,500 = ₹12,500
- चूंकि ₹12,500 ≤ ₹21,000 है → इसलिए कर्मचारी ESIC के लिए पात्र हो जाता है।
सबक: HR को अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए वेतन घटकों को पुनर्गठित करना ही होगा।
4. 2026 के लिए HR के मुख्य कार्य बिंदु
- ग्रॉस सैलरी के बजाय ‘बेसिक + DA’ का उपयोग करके ESIC पात्रता की पुनर्गणना करें।
- 50% नियम का पालन करने के लिए सैलरी लेटर्स (Salary Letters) को पुनर्गठित करें।
- वेतन की नई परिभाषा को दर्शाने के लिए पे-रोल सॉफ्टवेयर अपडेट करें।
- औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code) के तहत विवादों से बचने के लिए संशोधित नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) जारी करें।
- HR टीमों को वेतन की नई परिभाषा और ESIC की लागूता [applicability] पर प्रशिक्षित करें।
5. नियोक्ताओं और कर्मचारियों पर प्रभाव
- नियोक्ता: उच्च ESIC देनदारी (3.25% अंशदान) और पे-रोल लागत में वृद्धि।
- कर्मचारी: व्यापक ESIC कवरेज लेकिन 0.75% अंशदान के कारण हाथ में आने वाले वेतन (Take-home) में थोड़ी कमी।
- अनुपालन लाभ: जुर्माने और विवादों का कम जोखिम, कर्मचारी कल्याण में सुधार।
HR के लिए कम्प्लायंस चेकलिस्ट – FREE
- धारा 2(88) वेतन परिभाषा लागू करें।
- भत्तों पर 50% नियम लागू करें।
- कॉन्ट्रैक्ट, अस्थाई और फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को कवर करें।
- पे-रोल सिस्टम और नियुक्ति पत्रों को अपडेट करें।
- मासिक अनुपालन प्रमाणपत्र (Compliance Certificates) बनाए रखें।
अस्वीकरण: यह सामग्री केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और 2026 के अनुसार भारतीय लेबर कोड के कानूनी ढांचे को दर्शाती है। यह कानूनी सलाह नहीं है। नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनके विशिष्ट सैलरी स्ट्रक्चर वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, ‘Key4Comply‘ के योग्य लेबर लॉ विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।
