13 फरवरी 2026 को कर्नाटक सरकार ने सरकारी आदेश संख्या LD 413 LET 2023 जारी किया। इसके तहत कर्नाटक प्लेटफ़ॉर्म आधारित गिग वर्कर्स (सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) अधिनियम, 2025 लागू किया गया है।
अब सभी एग्रीगेटर और प्लेटफ़ॉर्म को हर भुगतान पर गिग वर्कर्स वेलफेयर शुल्क देना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना है।
वेलफेयर शुल्क दरें
| सेवा श्रेणी | वाहन प्रकार | दर | सीमा (Cap) |
| राइड-हेलिंग | 2W | 1% | ₹0.50 |
| राइड-हेलिंग | 3W | 1% | ₹0.75 |
| राइड-हेलिंग | 4W | 1% | ₹1.00 |
| फूड व ग्रॉसरी डिलीवरी | 2W | 1% | ₹0.50 |
| लॉजिस्टिक्स | 2W | 1% | ₹0.50 |
| लॉजिस्टिक्स | 3W | 1% | ₹0.75 |
| लॉजिस्टिक्स | LCV | 1% | ₹1.00 |
| लॉजिस्टिक्स | HCV | 1% | ₹1.50 |
| ई-मार्केटप्लेस | 2W | 1% | ₹0.50 |
| ई-मार्केटप्लेस | 3W | 1% | ₹0.75 |
| ई-मार्केटप्लेस | LCV | 1% | ₹1.00 |
| प्रोफेशनल एक्टिविटी प्रोवाइडर्स | कोई भी | 1% | ₹1.50 |
चरणबद्ध अनुपालन गाइड (Step-by-Step Guide)
1. पात्रता तय करें
- देखें कि आपका प्लेटफ़ॉर्म “एग्रीगेटर” या “प्लेटफ़ॉर्म” की परिभाषा में आता है।
- यह पहचानें कि आपकी सेवाएँ अधिनियम की Schedule-I श्रेणियों में आती हैं या नहीं।
2. शुल्क गणना प्रणाली बनाएं
- बैकएंड में ऐसा सिस्टम तैयार करें जो हर भुगतान पर 1% शुल्क स्वतः काटे।
- वाहन/सेवा के अनुसार कैप लागू करें।
- “Settled payments” जैसे टिप्स, इंसेंटिव, बोनस को बाहर रखें।
3. त्रैमासिक घोषणा
- हर तिमाही के अंत में:
- कुल शुल्क की गणना करें।
- मानक प्रारूप में घोषणा तैयार करें।
- 5 कार्य दिवसों के भीतर जमा करें।
- श्रम विभाग को शुल्क का भुगतान करें।
4. PWFVS रिपोर्टिंग
- सभी भुगतान Payment and Welfare Fee Verification System (PWFVS) पर मैप करें।
- प्रत्येक लेन-देन का विवरण (वर्कर ID, भुगतान राशि, शुल्क) दर्ज करें।
- जब तक PWFVS पूरी तरह चालू नहीं होता, तब तक त्रैमासिक Self-reporting करें।
5. डेटा सुरक्षा अनुपालन
- सुनिश्चित करें कि सभी रिपोर्टिंग केंद्रीय व राज्य डेटा सुरक्षा कानूनों के अनुरूप हो।
6. दस्तावेज़ीकरण व ऑडिट
- सभी लेन-देन, शुल्क भुगतान और घोषणाओं का डिजिटल रिकॉर्ड रखें।
- एक अनुपालन अधिकारी नियुक्त करें।
- हर तिमाही आंतरिक ऑडिट करें।
7. HR व कानूनी समायोजन
- अनुबंध व भुगतान शर्तों में शुल्क का उल्लेख करें।
- गिग वर्कर्स को शुल्क व उसके उद्देश्य की जानकारी दें।
- HR व कानूनी टीम को अनुपालन प्रक्रिया पर प्रशिक्षित करें।
अनुपालन चेकलिस्ट – FREE
- [ ] प्लेटफ़ॉर्म की पात्रता जाँचें।
- [ ] सेवाओं की पहचान करें (Schedule-I)।
- [ ] शुल्क गणना प्रणाली लागू करें।
- [ ] Settled payments को बाहर रखें।
- [ ] त्रैमासिक शुल्क की गणना करें।
- [ ] 5 कार्य दिवसों में घोषणा जमा करें।
- [ ] श्रम विभाग को शुल्क भुगतान करें।
- [ ] PWFVS पर रिपोर्टिंग करें / Self-reporting करें।
- [ ] डेटा सुरक्षा कानूनों का पालन करें।
- [ ] ऑडिट हेतु रिकॉर्ड बनाए रखें।
- [ ] अनुबंध अपडेट करें व वर्कर्स को सूचित करें।
- [ ] सरकारी अधिसूचनाओं पर नज़र रखें।
निष्कर्ष
कर्नाटक सरकार का यह आदेश गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा को औपचारिक रूप देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। समय पर अनुपालन से प्लेटफ़ॉर्म और कंपनियाँ एक सतत गिग अर्थव्यवस्था का निर्माण कर सकती हैं।
अस्वीकरण
यह ब्लॉग केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। यह कानूनी सलाह नहीं है। किसी भी निर्णय से पहले योग्य कानूनी विशेषज्ञ से परामर्श करें।
